पैकिंग इंडस्ट्री एेसी कि बना लेगी दीवाना

जींद में एक छोटी सी कोरोगेटेड शीट की इंडस्ट्री से शुरुआत करने वाली सिंगला फैमिली के बॉक्स और बाटल्स की अब मल्टी नेशनल कंपनियां भी दीवानी हो गई हैं। वीनस रेमेडीज हो या बिरला और एनवी ग्रुप। पैकेजिंग तो होती है दुर्गा पैकेजिंग और श्री बालाजी पालीमर्स के बॉक्स और बाटल्स में ही।

दुर्गा पैकेजिंग की नींव आरसी सिंगला ने वर्ष 1984 में जींद में रखी। वह वहां कोरोगेटेड शीट तैयार करते थे। छह साल तक जींद में इंडस्ट्री चलाने के बाद वर्ष 1991 में सिंगला परिवार के साथ पंचकूूला शिफ्ट हो गए।

उन्होंने यहां भी कोरोगेटेड बॉक्स का काम शुरू किया। परिवार के सदस्यों ने मेहनत की तो इंडस्ट्री का प्रोडक्ट लोगों को पसंद आने लगा। आरसी सिंगला के बेटे विवेक सिंगला ने बताया कि पिता का लक्ष्य है कि पैकेजिंग इंडस्ट्री को एक नई दिशा दें। इसके लिए वह और छोटा भाई मोहित जुटे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में बद्दी में बाटलिंग प्लांट लगाना इसी दिशा में एक कदम रहा। उन्होंने बताया कि प्रोडक्ट तैयार करने से ज्यादा प्रोडक्ट की मार्केटिंग जरूरी होती है।

पढ़ाई कालेज में, ट्रेनिंग इंडस्ट्री में
विवेक सिंगला ने बताया कि जब वह स्कूल में पढ़ाई कर रहे थेे तो पिता जी अक्सर फैक्टरी में बुला लेते थे। वह कोरोगेटेड बाक्स बनाना सीख गए और उसके बाद कुछ बाटलिंग प्लांट का दौरा भी कर डाला। वर्ष 2005 में कालेज से निकले तो पहले पिता के साथ पंचकूला की फैक्टरी संभाली और फिर वर्ष 2006 में बद्दी में अपना बाटलिंग प्लांट लगा डाला।

स्किल्ड लेबर हैं बड़ी समस्या
विवेक सिंगला ने बताया कि इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी समस्या स्किल्ड लेबर है। उनको कई बार अपनी इंडस्ट्री में पैकिंग के लिए रात रात भर रुकना पड़ा। इसका कारण था कि रात को लेबर होती नहीं थी और माल की डिलीवरी होनी जरूरी होती थी। इसी वजह से वह और उनके भाई पैकिंग के काम में लग जाते थे।

स्कूटर पर जाते थे हिसार
विवेक सिंगला ने बताया जब पंचकूला में पिता जी ने अपनी इंडस्ट्री लगाई तो अक्सर पंचकूला से हिसार तक वह स्कूटर पर ही चले जाते थे। इसका कारण यह भी था न तो यहां का इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप था न ही सेक्टर थे। बसों की सेवाएं भी कम थीं। इंडस्ट्रियल एरिया में तो उस समय सड़क भी नहीं थी।

पैकेजिंग इंडस्ट्री को नया आयाम
विवेक सिंगला ने बताया कि उनका लक्ष्य पैकेजिंग इंडस्ट्री को नया आयाम प्रदान करने का है। इसी वजह से वह अक्सर देश विदेश के दौरे भी करते हैं और मार्केट के ट्रेंड को समझते हैं। इसी का नतीजा है कि उनकी इंडस्ट्री में जापानी तकनीक वाली मशीनों का इस्तेमाल शुरू हो चुुका है और जल्द ही एडवांस टेक्नालॉजी को भी लेकर आएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *